Tuesday, 26 September 2017

Sep63500

Bobby
1200
1000
1000
500
700
______
4400

Etawa
3000
3500
3000
---------
9500

Mun
500
2000
1200
1000
---------
4700

Chd
1000
1300
3300
500
3200
3500
1000
5000 26
500
-------
19300

Knp
2500
500
1500
1000
2000
2000
-----------
9500

DD
7500
1500
2500
---------
11000

Msc
800. कबाड़ी
1500 hrsh
1800 patna
1000 jrnail
------
5100

Tot

----------
52500  co.
11000 Dd
------
63500

Kaka
              2500
               2500
               5000
18717.  3500
1917.   4000
19917  4500

Shanti

(-8640) 9/6/17
Shanti. 
2400  1.717 
3000.10.717
5000 29.717=10400/-
(-8840)10/7/17
4000. 8817.
4500   21817
4000.  29817=12500/-
(-8800)11/7/17
6000   8917
5000   19917
=11000

$hanti due
8900 कमेटी (12/9/17
37000 600/-
--------
459००

काका

Nature Name

SAMARITAN (समैरिटन) - जरूरतमंद की सहायता करने वाला

SADIST (सेडिस्ट) -
जिसे दूसरों को पीड़ा पहुंचा कर ख़ुशी मिलती है

GOURMAND (गुर्मन्ड) -
खाने का बेहद शौक़ीन व्यक्ति

NARCISSIST (नार्सिसिस्ट) - खुद से ही प्यार व आत्मपूजा करने वाला

NOVICE (नोविस)-
किसी क्षेत्र में अनुभवहीन या नया व्यक्ति

ALTRUIST (ऐल्ट्रूइस्ट)-
परोपकार के सिद्धांत का पालन करने वाला

CYNIC (सिनिक) - दूसरों की अच्छाई की निंदा करने वाला

CHAUVINIST (शोविनिस्ट) -
एक विशेष समूह या कारण का अत्यधिक समर्थन करने वाला

Saturday, 23 September 2017

Linkers

Come what may ⇒ चाहें जो हो जाए

This means that ⇒ इस का मतलब है कि

At least ⇒ कम से कम

In addition ⇒ इसके साथ – साथ

To start with ⇒ शुरु-शुरु में

Also ⇒ भी

By and large ⇒ धीरे-धीरे

Apart from ⇒ इसके अलावा

In the heart of heart ⇒ दिल ही दिल में

In the heart of heart ⇒ दिल ही दिल में

By the by ⇒ बात-बात में

Besides ⇒ के अतिरिक्त

In broad day light ⇒ दिन दहाड़े

It’s for this reason ⇒ यही वजह है कि

Moreover ⇒ इसके अलावा

With the passage of time ⇒ समय के साथ-साथ

For a short time ⇒ थोड़ी देर के लिए

Unlike ⇒ के विपरीत

All Across ⇒ सभी तरफ से

Thursday, 21 September 2017

सिख बनाम विध्यार्थी

विध्यार्थी  शिष्य  सिख
यदि हम सारी उम्र विध्यार्थी बने रहने के लिए तैयार हैं तो हम अपने जीवन में किसी भी समय नई बात सीख सकते हैं। यदि हमने  बने रहना वास्तविकता में सीख लिया, तो पूरी दुनिया आपके सामने खुल जाती है।”
आपकी जानकारी के लिये बता दूं कि विध्यार्थी यानि शिष्य, जिसको पंजाबी में "सिख" कहते हैं । यही हमारा धर्म है।
सरल शब्दों में 'सिख' की परिभाषा विध्यार्थी है, जिसे हमारे गुरुओं ने शिक्षा बतौर ब्राह्मंड, प्रकृति,समाज , परिवार से लेकर स्वंयं के जन्म से संबंधित ज्ञान की बातें और उन के प्रति अनुशासन सिखाया जाता है।
जैसे कहा जाता है और गुरु जी की विचारधारा है कि जन्म से, वंश से जाति या समाज से किसी का कोई धर्म तय नहीं होता । जैसे हिंदू धर्म में जनेहु और मुंडन की रस्म या मुसलमानों में सुन्नत की रस्म होती है, वैसी "सिख बनने की कोई ऐसी रस्म नहीं है । ( पांच ककार तथा अमृत पान की जो मर्यादा हैं वो स्वच्छता, आचरण, सुरक्षता व वहम-भृम से दूरी बनाए रखने के प्रतीक हैं व एक शपथ है)
देखा जाए तो जिस किसी की ऐसी कोई रस्म नहीं हुई है , वो तो नैचुरल ही 'सिख' हुआ, पर ऐसा इसलिए नहीं है कि, जैसा मैंने पहले बताया कि सिख यानि विध्यार्थी को सर्वप्रथम अक्षर का ज्ञान होना बहुत जरूरी है। क्योंकि यदि अक्षर ज्ञान नहीं होगा, तो वो इंसान कैसे जान पाएगा कि जो कुछ अपने ब्राह्मंड, प्रकृति , देश, समाज जाति, परिवार या स्वंय के निजी कार्यों में जो किर्याएँ हो रही हैं , वो असल में धर्म है या कर्मकांड ।
सिख धर्म के गुरुओं ने स्वंय तथा अन्य धर्म , समाज, जाति के बुद्धिजीवी , व् प्रभु के भक्तों की कही-लिखी वाणी को एक ग्रन्थ में अनेक रागों सहित संपादित कर बाँध कर समाज के सम्मुख प्रस्तुत किया है । जिसे हम "गुरु ग्रन्थ साहिब' कहते हैं।
यह ग्रन्थ पूजनीय तो है ही, साथ में इस की प्रमुखता या गुणवत्ता जो है, वो इसमें लिखे अक्षरों को जोड़ कर बने शब्द के अर्थ अथवा भावार्थ जान कर होती है , जिसे दुनिया के किसी समाज, धर्म के लोग बिना किसी पाबन्दी या बिना किसी विशेष भाषा को सीखे बगैर ले सकता है ।
हमारा मानना है और आज़माई हुई बात है कि इन पूजनीय गुरु ग्रन्थ साहिब जी के किसी भी एक शब्द को बिना विशेष तौर पर चुने, कोई भी अध्यन करले, उसकी कोई भी निजी उलझन या शंका का निवारण उसे मिल जाएगा ।
जारी।
सीरियसली 

घुटने टेक देना ।


एक कहावत तो सब ने सुनी ही होगी, "घुटने टेक देना" यानि "हार मान लेनी" ।

हम लोग रोज़ाना ही अपने अपने ईष्ट को मानते हुए अपने धर्म गुरुओं के कहे अपने अपने धर्म स्थान जाकर उन्हीं के बताए धर्म ग्रन्थों को घुटने जमीन पर टिका कर माथा टेकते हैं, पर असल में उन्हीं धर्म ग्रन्थों में लिखे उन्हीं के विचारों पर गौर नहीं करते।

पर फिर भी उपरोक्त मुहावरे के भावार्थ  के अनुसार अपना "आप" यानि हउमै (हूँ और मैं) से पनपी अपनी आदत छोड़ नहीं पाते।

जब कोई किसी को अपने आप को सुपुर्द करता है, तो उसकी अपनी कोई औकात नहीं रह जाती, उसका मालिक, गुलामी का पट्टा उसके गले में बांध, नाक की नथुनी से रस्सी डाल, पीछे से डंडा फंसा इतनी ज़ोर से दौड़ाना, मन मुताबिक कोहलू नुमा चौबीस घण्टे की डयूटी की कल्पना से ही जब हमारा शरीर डर से थरथराता है कि पूछो ही मत!
पर हमारे गुरु जी ने हमसे कभी हमारी सपुर्दगी वक्त कभी ऐसे टास्क नहीं दिया, फिर भी हम इतने आलसी हैं कि अपने मन और शरीर को उनके बताए पांच विकारों पर ही कंट्रोल नहीं कर पाते। मानवता की सेवा, परोपकार, दया भाव लाना, बांट कर खाना और निम्रता जैसे स्वभाव को पा लेना दूर की बात है। उन जानवरों की उपरोक्त गुलामी से अगर हम अपनी मर्यादाओं की तुलना करें तो हम को जिंदगी जीने के नियम कुछ भी नहीं, कुछ भी नहीं।

Wednesday, 13 September 2017

Dr Hasti


Practo has not received required documents and medical registration number for Dr. K.B. Hasti.

Upload and claim

Dr. K.B. Hasti

MBBS, DNB

Neurologist 38 years experience

Info

Feedback

Consult Q&A

Health Feed

About Dr. K.B. Hasti

Consultant

Fees

₹ 800 for regular consultation

NOTE:This fee is indicative and may vary.

Practices At

Shalimar Bagh - 

Neuro Clinic

Manish Chambers, F-6, 1st Floor, Landmark-BN Block Local Shopping Centre.

Timings

MON6:00 PM

 8:00 PM

TUE6:00 PM

 8:00 PM

WED6:00 PM

 8:00 PM

THU6:00 PM

 8:00 PM

FRI6:00 PM

 8:00 PM

SAT6:00 PM

 8:00 PM

This profile is unclaimed.

Claim Profile

Also Practices At

Max Hospital

HBT Twin Tower, Wazirpur District Centre

Tirath Ram Shah Hospital

2, R.B.L. Isher Das Sawhney Marg, Rajpur Road

Monday, 4 September 2017

Comment

People tend to forget their duties but remember their rights.

लोग अपने कर्तव्य भूल जाते हैं लेकिन अपने अधिकार उन्हें याद रहते हैं।

4.

Act as if you were already happy and that will tend to make you happy.

इस तरह से कार्य करें जैसे कि आप पहले से ही खुश हैं तथा इसके परिणामस्वरुप आप खुशी प्राप्त कर लेंगे।

what matters most is how well you walk through the fire