Monday, 26 February 2018

DEALS 6

B-8/29/15 (Done 41,50) 
30118
00,51, Token Money
05,49, ByCheqe 5.49
07.00
01.40, ByCash
05,00,  ByChaqe 10.49
19,40 (22,60,)
15,00 Draft by bank)
00.31  (bal 06.79)
  _____________


   




C-5/10/15 (Done 41.20)
30118
00,51, Token Money
03,49, ByChaqe 3.49
08,50, ByCash
05,00, ByChaqe 8.49
17,50, (Bal; 23,70)

(15.50)
(06.30)
(01.50)=22.80-40


SBI A/C
1,80,000.00 by chaqe  (Cleared)

G-1/19/24
2500 WATER MOTOR
5000 Gogi (electricl meter)
----------
7500.00   (XXXXXX)




81/naj


  1. Bombay 59/- 
  2. B/Garh  275/-
  3. Bijnore 40/-
  4. Etawha 155/-
  5. Ranchi 70/-
  6. Chd 196/-
  7. Gbd 15/-
  8. Andhra 290/-
  9. Gowahati 34/-
  10. Patna. 5/-
  11. Msc   37/-
  12. C7/48/ 5+15+80+15=115 
  13. =1134.00

  1. Shnty   1000/-
  2. Jagmohan 1000/-

Bombay 16+4+10+5+20+7+24+10+2+56+20+4+22=201/-
B/Gargh 25=25
Bijnore 25+20+15+20+10+50+50+110+23+(8)=323/-
Etawa . 16+10+20+10+20+10+(5)=86/-
Ranch/ 10=10
Chd/ 40+13+ 16+13+20+30+25+35+90+33+33+ (20)+32(m)+35=378/-
MSC/ 8+6+20+34+8+24+7=107/-
Bhopal 10+42=52
C-7/48/15   80+5+15+15=115
1222+115=1337


Bombay; 6+
Chandigarh; 50+20+60+20+34
Bijnor; 19+237+10+40+36
Msc ; 8(jrnl) +17(ptna)5+(nice)
BGarh 10+(45)

Sunday, 25 February 2018

आस्तिक बनाम नास्तिक

ਆਸਤਿਕ ਬਨਾਮ ਨਾਸਤਿਕ

ਜਿਸ ਦਿਨ ਤੁਹਾਨੂੰ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦੀ ਪੂਰੀ ਤਰਾਂ ਸਮਝ ਲੱਗ ਗਈ, ਤੁਹਾਨੂੰ ਨਾਸਤਿਕਤਾ ਮਹਿਸੂਸ ਹੋਣ ਲੱਗ ਜਾਵੇਗੀ ਤੇ ਤੁਸੀ ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਨਜ਼ਰਾਂ ਵਿਚ ਨਾਸਤਿਕ ਹੋ ਜਾਵੋਗੇ, ਜਿਸ ਦਿਨ ਲੋਕ ਤੁਹਨੂੰ ਨਾਸਤਿਕ ਨਾਸਤਿਕ ਕਹਿ ਕਿ ਪੁਕਾਰਨ ਲੱਗ ਪਏ ਉਸ ਦਿਨ ਸਮਝ ਲੈਣਾ ਕਿ ਤੁਸੀਂ ਗੁਰੂ ਦੀ ਬਾਣੀ ਤੇ ਅਮਲ ਕਰਨ ਲੱਗ ਪਏ ਹੋ, ਤੇ ਸਭ ਝੂਠੇ ਤੇ ਪਖੰਡੀ ਸਮਾਜਕ ਰਸਮਾਂ ਰਿਵਾਜ਼ਾਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਚਲੇ ਗਏ ਹੋ ਜੋ ਕਿ ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਨਜ਼ਰਾਂ ਵਿਚ ਰੱਬ ਨੂੰ ਖੁਸ਼ ਕਰਨ ਵਾਸਤੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਜਰੂਰੀ ਹੱਨ ।

ਆਸਤਿਕ ਸੰਤ - ਸਰਬੱਤ ਦਾ ਭਲਾ ਮੰਗੋ

ਨਾਸਤਿਕ - ਸਰਬੱਤ ਦਾ ਭਲਾ ਕਰੋ

ਆਸਤਿਕ ਸੰਤ - ਗੁਰਦੁਆਰੇ, ਮੰਦਰਾਂ ਦੇ ਵਿਚ ਸੋਨੇ ਅਤੇ ਇਮਾਰਤਾਂ ਲਈ ਸੰਗਤਾਂ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ਮਾਇਆ ਦਾਨ ਕਰਨ

ਨਾਸਤਿਕ - ਵਿਹਲੜਾ ਨੂੰ ਕੋਈ ਪੈਸਾ ਨਾ ਦਿਉ ਦਾਨ ਅੱਖਾਂ ਖੋਲ ਕੇ ਕਰੋ ਦਾਨ ਨਾਲ ਸਕੂਲ ਹਸਪਤਾਲ ਗਰੀਬ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਬਣਵਾਉ

ਆਸਤਿਕ ਸੰਤ - ਦੁੱਖ ਵੇਲੇ ਅਰਦਾਸ ਕਰੋ

ਨਾਸਤਿਕ - ਦੁੱਖ ਵੇਲੇ ਹੋਸਲਾ ਨਾ ਹਾਰੋ ਮਿਹਨਤ ਜਤਨ ਕਰੋ

ਅਾਸਤਿਕ ਸੰਤ-ਸੰਤਾਂ ਤੇ ਕਿੰਤੂ ਪ੍ਰੰਤੂ ਨਾ ਕਰੋ ਸੰਤ ਦੀ ਨਿੰਦਿਆ ਨਾਲ ਨਰਕਾਂ ਦੇ ਵਿਚ ਜਾਉਗੇ

ਨਾਸਤਿਕ - ਅੱਖਾਂ ਬੰਦ ਕਰਕੇ ਕੋਈ ਗੱਲ ਨਾ ਮੰਨੋ ਹਰ ਗੱਲ ਕਿਉ, ਕਿਵੇਂ, ਕਿੱਥੇ, ਕਦੋ ਤਰਕ ਦੀ ਛਾਨਣੀ ਵਿਚ ਛਾਣੋ ਭਾਵੇ ਕੋਈ ਵੀ ਗੱਲ ਕਿਸੇ ਮਹਾਨ ਵਿਅਕਤੀ ਨੇ ਕਹੀ ਹੋਵੋ ਨਰਕ ਸਵਰਗ ਕਿਤੇ ਨਹੀਂ ਜੋ ਕੁਝ ਹੈ ਇਥੇ ਹੀ ਹੈ ਗਲਤ ਨੂੰ ਗਲਤ ਕਹੋ ਤੇ ਸੱਚ ਦਾ ਸਾਥ ਦਿਉ

ਆਸਤਿਕ ਸੰਤ - ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡਾ ਪੁੰਨ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਰੱਬ ਨਾਲ ਜੋੜਨਾ ਹੈ

ਨਾਸਤਿਕ - ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡਾ ਕੰਮ ਮਨੁੱਖਤਾ ਨੂੰ ਅੰਧਵਿਸ਼ਵਾਸ ਵਿਚੋਂ ਕੱਢਣਾ ਅਤੇ ਇਨਸਾਨੀਅਤ ਦੇ ਭਲੇ ਲਈ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਕਰਨਾ ਹੈ

ਆਸਤਿਕ ਸੰਤ - ਧਾਰਮਿਕ ਗ੍ਰੰਥਾਂ ਦਾ ਪਾਠ ਕਰਦੇ ਰਹੋ ਫਲਾਣੇ ਮੰਤਰ ਨਾ ਫਲਾਣੀ ਕੰਮ ਤੇ ਰਿੱਧੀਆ ਸਿੱਧੀਆਂ ਮਿਲਦੀਆਂ ਹਨ

ਨਾਸਤਿਕ - ਰਿੱਧੀਆ ਸਿੱਧੀਆਂ ਵਹਿਮ ਹਨ ਹਰ ਕੰਮ ਮਿਹਨਤ ਤੇ ਲਗਨ ਨਾਲ ਪੂਰਾ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਧਾਰਮਿਕ ਗ੍ਰੰਥ ਵੀ ਪੜੋ ਉਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਚੰਗੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਅਨੁਸਰਣ ਕਰਕੇ ਜਨਤਾ ਦਾ ਭਲਾ ਕਰੋ ਤੋਤਾ ਰਟਨ ਬੇਵਕੂਫੀ ਹੈ

ਆਸਤਿਕ ਸੰਤ - ਆਪਣੇ ਧਰਮ ਦਾ ਪ੍ਰਚਾਰ ਕਰੋ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਧਰਮ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਹਰ ਸੰਭਵ ਯਤਨ ਕਰੋ

ਨਾਸਤਿਕ - ਇਨਸਾਨੀਅਤ ਹੀ ਸੱਚਾ ਧਰਮ ਹੈ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਇਨਸਾਨੀ ਭਲੇ ਲਈ ਜਾਗਰੂਕ ਕਰੋ

ਆਸਤਿਕ ਸੰਤ - ਵਿਰੋਧ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸਬਕ ਸਿਖਾਉਣ ਲਈ ਹਰ ਸੰਭਵ ਯਤਨ ਕਰੋ ਲੋੜ ਪੈਣ ਤੇ ਕਤਲ ਵੀ ਕਰਕੇ ਰੱਬ ਦੀਆਂ ਖੁਸ਼ੀਆ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰੋ

ਨਾਸਤਿਕ - ਵਿਚਾਰਾਂ ਨੂੰ ਵਿਚਾਰ ਵਟਾਂਦਰਾ ਕਰ ਕੇ ਕੱਟੋ ਜਬਾਨ ਨਾਲ ਵੀ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਦੁੱਖ ਨਾ ਪਹੁੰਚਾਉ

हाफ स्कूल बैग

जैसा कि सुनने में आ रहा है कि केंद्र सरकार सन 2019 से अपनी शिक्षा प्रणाली में कुछ बदलाव ला रही है जिसमें बच्चों पर शिक्षा का बोझ कम होगा यानी 'हाफ स्कूल बैग'। जिसके तहत विद्यार्थी अपने पसंदीदा सब्जेक्ट के नम्बरों को कमजोर सब्जेक्ट के नम्बरों में एक लोन के रूप में एडजस्ट कर सकेगा।

जिससे उस के मन मे इतनी मेहनत के बाद भी पानी फिरने और हींन भावना की कमी आएगी। बाद में वो विद्यार्थी अपने कमजोर सब्जेक्ट पर फिर से मेहनत कर अपने अमीर सब्जेक्ट के नम्बर लोटा सकेगा।
प्रस्ताव तो अच्छा है जिसे दिल्ली के चीफ मिनिस्टर पहले ही 26 जनवरी को सबके सामने ला चुके हैं।
चलो क्रेडिट कोई भी ले, स्कीम तो है बच्चों के फायदे की।

अच्छा है, जो बस्ता आधा होगा,बेशक पहल  किसी की भी हो, सभी बच्चों को अपना मन-भावन विषय मिलना ही चाहिये, चाहे दूसरे विषय के सहयोग से।

Monday, 19 February 2018

Dlip singh wasan

यह जीवन क्या है?
     भगवान की अवधारणा ने हमें सभी स्थितियों में जीवित रखा

               यह आदमी पाषाण युग से शुरू हुआ और अब वह आकाश तक पहुंच रहा है और दूसरी तरफ वह राज, महाराज, शासक और साम्राज्यवादियों के बीच पीड़ित था जो मानवता को विभाजित रखते थे और बड़ी संख्या में लोग गरीब रहते थे ताकि ये लोग शासकों की तर्ज पर, अमीर और शक्तिशाली उन पर काम करने के लिए सस्ती श्रम हो सकता था। और हम अपनी पौराणिक कथाओं, हमारे अपने इतिहास को देखते हैं और फिर दास 3 की अवधि के इतिहास में गरीब गरीब रहते थे और उन्हें उचित स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार और उचित मजदूरी नहीं दी गई थी और एक बार गरीबी एक घर में आई थी, तब उसके बाद की पीढ़ी घर गरीब लोगों के रूप में जारी रखा कुछ देशों में क्रांति हुई थी, लेकिन ऐसे क्रांतियों में विनाश और हत्याएं होती हैं और कुछ भी अलग नहीं हो सकता है और इसलिए कुछ लोगों ने ईश्वर की अवधारणा का आविष्कार किया और कहा कि इस धरती पर ये सभी दुःख मनुष्यों की रचना नहीं हैं, परन्तु ईश्वर ही है हमारी किस्मत और भाग्य लिखना और जो लोग इस धरती पर पीड़ित हैं, वे पिछले जन्मों में अपने बुरे कर्मों की वजह से पीड़ित हैं और इसलिए उन्होंने सलाह दी है कि सभी पीड़ितों को भगवान के प्रति समर्पित होना चाहिए और प्रार्थना करनी चाहिए और पिछले बुरे कर्मों के लिए प्रार्थना करना और बेहतर प्रार्थना करना चाहिए। अगली बार जीवन और भगवान में यह विश्वास उन्हें आत्महत्या करने से बचाया गरीब लोग रहते थे और अब भी जीवित हैं 'पशुओं की तुलना में सबसे खराब है, परन्तु वे आगे बढ़ रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि उन्हें अगली बार बेहतर जीवन मिलेगा। विज्ञान और प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्र में विकास के बावजूद लोग अभी भी अपनी किस्मत और भाग्य को अंतिम रूप से ले रहे हैं और वे अपने विचारों को परिवर्तित नहीं कर रहे हैं कि इस धरती पर कुछ लोग इन सभी कठिनाइयों को पैदा कर रहे हैं और राष्ट्रीय संपदा में अपने हिस्से को छीन रहे हैं। ।

                                

____________________________
       भारत के चुनाव एक व्यर्थ की एक्सरसाइज हैं;

               हमारे संविधान में दिए गए प्रावधानों के अनुसार, हमें पांच साल बाद चुनाव कराने होते हैं।1952 से इस रिहर्सल का बार-बार दोहराया गया है। राजनीतिक लोग आपस में सहयोगी व एक ही सोच के हैं।  उन्होंने राजनीति जिसको कभी समाज सेवा का रूप माना जाता था, को अपना व्यवसाय, पार्टी व टीम बना एक लक्ष्य "चुनाव में जीत" का रूप बना दिया है और वे लोग इस सेवा को अपने एक सुसज्जित व अनेक प्रकार से सुविधजनक दफ्तर में बैठ कर करना पसन्द करते हैं।

चुनाव इनके लिये फ्रेंडली मैच है। केंद्र से लेकर राज्य, यहां तक धार्मिक स्थल व कॉलोनी की कमेटियां उसी लाइन पर काम कर रही हैं। जहां अंग्रेज हुकूमत ने इसे छोड़ दिया था, पर इस देश से हटाए जाने के बाद इस राजनीति के नियमों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जा सका है। हमारे संविधान के निर्माता भी परिवर्तन पक्ष में थे। राजनीतिज्ञों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुभव, विशेषज्ञता आदि के नियमों का निर्धारण नहीं किया गया था। पर हमारे देश की आज़ादी के बाद का इतिहास की लिखतों से पता चलता है, कि कुछ परिवार और कुछ व्यक्तिगत स्वंयसेवी, संविधान निर्माताओं के चारों ओर चिपके लोगों ने इकट्ठा हो सिर्फ 'हां' की राजनीति व पुरुष प्रधान की व्यवस्था को बनाये रखना ठीक समझा।

वास्तव में इन परिवारों के लोगऔर व्यक्तिगत स्वयंसेवियों ने हमारे ऊपर शासन रहा है। इन्होंने कभी भी सरकारी ख़ज़ानों, राजनीतिक पार्टी फंडों से बने घर व दफ्तरों का सही इस्तेमाल करने का रूल या एजेंडा पारित करने की कोशिश नहीं की।

जनता को दिखाने के लिए रखे जाने वाले दरबार कुछ छोटे घरों में, पार्कों में , केवल छोटे मामलों के लिये ही दिखाए जाते रहे हैं।

मानते हैं कि देश में वास्तविक लोकतंत्र भी स्थापित किया गया है।हमने इन खानापूर्तियों दोनों ही प्रमुख दलों में देखा है। वे हमारे सामने सार्वजनिक तौर पर अब तक के सभी एक-दूसरे के काम की निंदा करते रहे हैं पर व्यक्तिगत समारोह में एक दूसरे को बुला, गिफ्ट सहित हाथ से हाथ मिला, गले मिल इकट्ठे भोजन, व कॉकटेल पार्टी करते हैं।

इसका अर्थ स्पष्ट है कि इस देश के लोगों के हित व समाज सुधार के लिए कुछ भी नहीं किया गया है। कहा जाता है कि 2019 के चुनावों में बदलाव आएगा, अब और कुछ ऐसा नहीं होगा। यदि हम इस चुनाव से बचते हैं तब भी पांच साल के दूसरे कार्यकाल को भी छतीस प्रकार के भोजन की थाली में सजा कर देने वाला जैसा काम है।  कंटिन्यू के लिए वर्तमान सेट देते हैं, तो भी देश और उसकी जनता को कुछ भी नहीं नया नहीं मिलेगा।

इस चुनाव कुछ भी नया नहीं लाएगा और केवल पुरुष बदल सकते हैं। इस व्यर्थ की प्रैक्टिस के लिए, हमें निंदा करना चाहिए जो कि बहुत मुश्किल है। अगली सरकार से कुछ भी नई उम्मीद नहीं है

                                

Saturday, 17 February 2018

Short verb

Informal Abbreviations:

1. Gonna
Going   to

2. Wanna
Want   to

3. Gotta
Got   to

4. Lemme
Let   me

5. Gimme
Give   me

6. Hafta
Have   to

7. Hasta
Has   to

8. Doncha
Don't   you

9. Dunno
Don't   know

10. Outta
Out   of

11. Kinda
Kind   of

Tuesday, 13 February 2018

गनबीर

वीर जी द्वारा 'वाहिगुरू आख' के इलावा कोई उधर से रिप्लाई नहीं आ रहा है, मुझे कोई सलाह दे विक्की। में बहुत परेशान हुन

आप मेरे से बात क्यों नहीं करते। इस मुशिकल घड़ी में मैं और कहां जाऊं। मैं आपसे कोई पैसे नहीं मांग रहा हूँ, सिर्फ सलाह मांगनी है। ठीक है, मेरे से पहले गलती हुई जो जबरदस्ती जोनी की शादी आप के मना करने में करवाई। उस गलती की सज़ा जीते जी अपने बेटे को नहीं भुगतने दूंगा।  मैं निक्की को अपनी बेटी मानते हुये उसकी दूसरी शादी जिसको वो अभी भी चाहती है, का खर्चा करने को तैयार हूं । जगजीत को भी जो जायज हो पैसे दे दूंगा । यदि अगमदीप हमारा है तो उसे हमें सोंप दें नहीं तो लिखा पढ़ी करवा दें । मुड़ कर हम आपको अपनी शक्ल तक नहीं दिखाएंगे। वैसे भी हमने अपने मकान बेच दिए हैं। कहीं दूर सकून में रहने का विचार है। प्लीज बात तो करें गुरमीत 12/2/2018