Thursday, 16 March 2017

HAR'The Lord Remains GurSikh's Mind

HAR'The Lord Remains GurSikh's Mind

O Lord King!
The Minds of The GurSikh Pleased,
Because they hv Seen My True Guru.

If SomeOne Read to them The Story,
Of The Lord's Name,

My True Guru is Very Pleased with them.

The GurSikh  are Put-On in Respect,
In The Court of The Lord;

Servant Nanak has become The Lord,
HAR, HAR, The Lord,
HAR,HAR, The Remains within His Mind.

जन नानक हरि हरि होइआ,
हरि हरि मनि वुठा।।

जिन गुरु सिखों (गुर शिष्यों) ने प्यारे गुरु दर्शन कर लिया, उनके मन में सदा आत्मक उत्साह (चढ़दी कला) बनी रहती है।
जो कोई गुर सिख परमात्मा की सिफ़्त सलाह की बात सुनाता है, तो मन को अच्छा लगता है।
जिन गुर सिखों के ऊपर प्यारा व सच्चा गुरु मेहरबान होता है, उनको परमात्मा के दरबार में आदर-सम्मान मिलता है।
गुरु नानक जी अपने आपको जन सेवक कहते हुए बताते हैं कि वो गुर सिख परमात्मा का रूप हो जाते हैं। तथा परमात्मा उनके मन में सदैव बसा रहता है।

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