Monday, 6 March 2017

My True Guru's place so beautiful

OLord King!
My TrueGuru's Places is So Beautiful,
Wherever My Guru's Goes & Sits.

The Guru's Sikhs Found-Out these Places, They Take TheDust&Apply it to Their Foreheads.

TheWorks of TheGuruSikhs Who Meditate of God's NAAM"'re approved

Oh Nanak!
These who Worship TheTrueGuru;
TheLord, Causes them to be Worshipped in Return.

सो थान सुहावा, राम राजे
मेरा सच्चा गुरु जिस स्थान पर जाकर बैठता है , वो अतिसुन्दर (सुहावा) है।
गुरसिख उस स्थान को ढूढ़कर, उसकी मिटटी अपने मस्तक पर लगाते हैं।
गुरु नानक कहते हैं कि जो गुरसिख परमात्मा का "नाम" स्मरण करते हैं, अपने ह्रदय से गुरु का आदर-सत्कार और परमात्मा को पाने व् अपनाने के लिये उनके कहे मार्ग पर चलते है, वह स्वंय भी इस जगत या उसपार वही आदर व् सत्कार पाते हैं।

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