"मैं ईष्ट हूं, मेरे पास तुम्हारी चल रही धड़कन की चाबी है, यदि मैं साथ नहीं, तो तुम्हारे साथ कुछ अप्रिय हो सकता है,। जब तक मैं तुम्हारे साथ हूँ, दुःख, दुर्भाग्य, तथा पीड़ाएं, तुम्हारे शरीर द्वार से बाहर हैं।"
ये सभी बातें घर का मुखिया कहे तो कोई मायने नहीं, सृष्टि के कर्ता के मुख से हों, तो शोभा देती हैं।
#Seriously
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